तेरी सूरत मेरी आँखों में बस गई है
सदा के लिए
तेरी खुशबू मेरी सांसो में बस गई है
सदा के लिए
आ आ के मिल जा मुझसे तू
सदा के लिए
बिन तेरे जीना एक होता नही
गुजर जाए पल भी ऐसा होता नही
करू क्या मैं कोई बता दे
मुझे खुदा के लिए
तेरी सूरत --------२
तेरी खुशबू----२
सूरत तेरी इन आँखों में है
फिर भी तुझको दूंदता रहता हूँ मैं
आँखे तेरी नीली है मेरा घर इनकी गली है
इन आँखों में रहने दो मुझे
सदा के लिए
Wednesday, June 18, 2008
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