Sunday, June 22, 2008

कल के लिए

रख दिया है मैंने दिल,
कल के लिए
मेरी जा को रख दिया है
तेरे लिए
इंतजार तेरा है मेरा प्यार तेरा है
मेरा प्यार तेरा है -२
रख दिया है प्यार को यार के लिए
रख दिया है ..........
तड़प रहा था,मेरा दिल तेरे लिए,
भटक रहा था, रात में तेरे लिए
दूंदता फिरे ये कहाँ तुमको,
न पूछो यार रहने दो ये भी कल के लिए
रख दिया ....
मेल में,रेल में,
बस में ,कार में,
हर जगह बेकार में,यु ही तेरे प्यार में
भटक रहा था मेरा दिल-२
जाने ये कब से
रख दिया ....
सचीन


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