चलेगी दुकान मेरी मुझको भरोसा है,
आएगा कस्तम्बर मेरा मुझको भरोसा है,
किसी की तुम सुनो नही,
करो वही जो काम अपना है,-२
चलेगी ---२
देर है थोरी पर अंधेरे नही,
नई है दुकान मेरी सब के लिए,-२
चाहे कोई कुछ भी कहता रहे,
करू मैं वही जो काम अपना है
चलेगी -१
खाली है अभी, पर जरुर भरेगी
एक दिन कस्तम्बर की लाइन यहाँ लगेगी
मॉल भी होगा, तब मानी भी होगी-2
लाइफ अपनी टेंशन फ्री होगी
चलेगी---२
जितना है कर्जा, सर पे सब मैं उतारूंगा
हंस-हंस -हंस के
लोगों को कर्जा, तब मैं ही दूंगा
मेरी भी तो पुछ होगी बाज़ार में
मेरा भी कोई मुकाम होगा
आएगा शहरमें जो भी bandhaमिल के मुझसे जाएगा
चाहे वो स्टार हो या हो सुपर स्टार
मुझसे मिलने को वो दौरा दौरा चला आएगा
चलेगी ---२
देखते है अभी सब मेरी इस दुकान को
पहुचायेंगे मिल के सब मुझे अपने मुकाम को
मुझको कुछ फ़िक्र नही अपना खुदा अपने साथ है
चलेगी ---२
सचिन
Thursday, June 19, 2008
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