जनाबे अली आ,आजा रे-२
हो दिल मेरा,तड़प रहा,
जब से तू, मुझसे दूर रहा-२
जनाबे अली आ .....
हाय क्या गम दिया,
मुझपे सितम किया,
जीना तो जीना मेरा,
मरना भी मुश्किल किया-२
जनाबे अली .........
तेरे लिए,मैं फिरता हूँ, बन के कब से बंजारा
प्यार में सब को लगता है,हो गया हूँ मैं आवारा
आजा,अब तो,आजा
जनाबे अली आ.......
सचिन
Tuesday, June 17, 2008
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