Thursday, October 30, 2025

इश्क में

 इश्क में हम अपने क्या कर रहें थे

सोचते हैं अब ग़ज़ब कर रहे थे

न लोगों की परवाह, न कैमरों का डर

हम तो बस इश्क कर रहें थे

सारे शहर में फिरते थे यूं ही

कहीं से चलते और कहीं निकल रहे थे

देखते थे लोग हमें रुक रुक कर

अब सोचते हैं हम, क्या कर रहे थे