हां वो एक कबीला हैबेढंग से लोग रहते हैंजो सिर्फ गुनहगार हैंहो सकता है कुछ अच्छे भी होंजिनके होने पर भी शक हैयाद है कुछ सालों पहलेकितने कबीले वालों नेकितनी तबाही मचाई थीये पागल घोड़े से हैं बसलगाम कस लो इनकीज़रा नरमदिली से पेश आओफिर देखो कैसे येतुम्हारे घर तुम्हारे शहरतबाह करते दिखेंगेसख्त रहो डटे रहोरहस्य कुछ नहीं है इन कबीलों मेंसब के सब बे पर्दा हैंदुनियां जानती हैसब जानते हैंये दुर्दांत दरिंदे हैंहत्यारे हैं लुटेरे हैंबस यही एक बात है इनमेंजिससे सब खौफ में हैं
Friday, April 9, 2021
कबीले वाले लोग
Wednesday, April 7, 2021
दुनिया
काश के बदल जाती मेरे शब्दों से दुनिया
बड़ी खूबसूरती से सहेज लेता मैं दुनिया
खा लेता चांद समझ रोटी मैं तुझे
गर मां थाली में पड़ोस देती न दुनिया
तमाशे बड़े देखता हूं जहां में
नजारें भी गजब दिखती है दुनिया
हरारतें अपनी मिटा लेने के बाद
नामुराद समझ लेती है दुनिया
नाराज गर हो जाए सब अपने
तो दिलशाद हो जाती है दुनियां
काश के बदल जाती मेरे शब्दों से दुनियां
बड़ी खूबसूरती से सहेज लेता मैं दुनियां
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