आ के न आना कोई तुमसे सीखे
दिल को चुराना कोई तुमसे सीखे
नजरे मिलाना और न न कहना
हँसते-मुस्कराते दिल को चुराना
कसमों को देना,वादों को लेना
दिल चाहे जब फिर तोर देना
ऐसी आदयें कोई तुमसे सीखे
आ के न आना कोई तुमसे सीखे
तुमको पता है हम मरते है तुमपे
दिलों जान से प्यार करते है तुमसे
अकरते हो तुम,चलते हो तन के
ऐसी अदाए कोई तुमसे सीखे
आ के न --------
बनते हो सीधे,दीखते हो भोले
जालिम बड़े हो तुम कातिल ओ मेरे
नजरे मिलाना और न न कहना
दिल को चुराना कोई तुमसे सीखे
आ के न ------
नम.२
अरे जाते हो तुम जो चले जाते हो
आने के रस्ते सरे भूल जाते हो
हाँ जाते हो तुम जो---------
रूठ जाते हो जब तुम मानते नही
लगता है ऐसे हमको जानते नही
ये ठीक नही है जान लो,
कहना मेरा देखो तुम मान लो
मुझको जरा पहचान लो
क्यों जलाते हो दिल को दिलबर मेरे
मान जाते नही क्यों सितमगर मेरे
अरे जाते हो ------
सचीन निरंजन केजरीवाल
Sunday, August 23, 2009
भगवन
मैंने तुमको देखा है,मेरे भोले भगवन
मिलने मुझसे आते हो ख्वाबों में तुम हरदम
तुम अच्छे हो,तुम सच्चे हो
तुमसे है ये जीवन
मुझको बनाया है तुमने,और बनाया जमी ये गगन
मैंने तुमको-----
दिल में हो तुम बसे हुए,मन में हो तुम सजे हुए
हर जगह हो तुमको ही, तुम हो बस हर जगह
मेरे भोले भगवन
मैंने तुमको -----
कभी-कभी तुम रूठ जाते हो मुझसे
अभी भी तो तुम रूठे हो मुझसे, मान भी जाओ,अब जिद छोड़ो -२
मेरे प्यारे भगवन
मैंने तुमको---
दुःख में और चिंता में साथ रहो तुम हरदम
इतनी कृपा करो हमपे रहे हर तरफ़ खुशियो का मौसम
मैंने तुमको देखा है .........
सचीन निरंजन केजरीवाल---
मुझे कुछ न चाहिए------
मुझे कुछ न चाहिए इससे ज्यादा
एक तेरा प्यार हो संग मेरे सदा
तनहा रहू मैं न कभी
प्यार से ये तेरा वादा
मुझे कुछ न ----
चाहे हो शहर,चाहे समंदर
चाहे वो महल हो,चाहे खंडर
धरती पे रहू,चाहे रहू अम्बर पर
मुझपे रहे सदा तेरा असर
मुझे कुछ न---
मैं हूँ सदा तेरा ही जाना
जाने से पहले तुम चली आना
भूल जाऊँ मैं तुझको,उससे पहले तुम याद आना
जीवन भर साथ रहना,सुन लो जाना तुम मेरा कहना
मुझे कुछ न ----
सचीन निरंजन केजरीवाल
एक तेरा प्यार हो संग मेरे सदा
तनहा रहू मैं न कभी
प्यार से ये तेरा वादा
मुझे कुछ न ----
चाहे हो शहर,चाहे समंदर
चाहे वो महल हो,चाहे खंडर
धरती पे रहू,चाहे रहू अम्बर पर
मुझपे रहे सदा तेरा असर
मुझे कुछ न---
मैं हूँ सदा तेरा ही जाना
जाने से पहले तुम चली आना
भूल जाऊँ मैं तुझको,उससे पहले तुम याद आना
जीवन भर साथ रहना,सुन लो जाना तुम मेरा कहना
मुझे कुछ न ----
सचीन निरंजन केजरीवाल
Thursday, August 20, 2009
क्यों पूजे हम तुमको ?
क्यों पूजे हम तुमको, क्यों माने भगवान्
दिया है क्या तुमने हमको बना दिया शैतान
क्यों पूजे ----
आज नही, कल का नही कभी का नही है रिश्ता अपना
हो कहाँ तुम मुझको दिख जाओ भगवान
क्यों पूजे----
नही हो तुम मेरे अपने, पुरे किए नही कोई सपने
फ़िर हो कैसे तुम भगवान
क्यों पूजे -----
दुःख दिया है, दर्द दिया है
कर दिया जीवन को शमशान
तख्लिफों में जीते है हम, तुम कैसे हो भगवान
क्यों पूजे---
पत्थर हो तुम,माटी हो नही है तुम में जान
क्यों पूजे----
इस दिल को तुने जला दिया
सब कुछ तुने खाक किया
अब रहा नही मैं इन्सान
क्यों पूजे ----
सचीन निरंजन केजरीवाल
दिया है क्या तुमने हमको बना दिया शैतान
क्यों पूजे ----
आज नही, कल का नही कभी का नही है रिश्ता अपना
हो कहाँ तुम मुझको दिख जाओ भगवान
क्यों पूजे----
नही हो तुम मेरे अपने, पुरे किए नही कोई सपने
फ़िर हो कैसे तुम भगवान
क्यों पूजे -----
दुःख दिया है, दर्द दिया है
कर दिया जीवन को शमशान
तख्लिफों में जीते है हम, तुम कैसे हो भगवान
क्यों पूजे---
पत्थर हो तुम,माटी हो नही है तुम में जान
क्यों पूजे----
इस दिल को तुने जला दिया
सब कुछ तुने खाक किया
अब रहा नही मैं इन्सान
क्यों पूजे ----
सचीन निरंजन केजरीवाल
हवा
जिधर बही हवा बह गए हम
दिल ने कहा जिधर निकल गए हम
सडको की धुल से हो के रह गए हम
बारिश का पानी बन बह गए हम
जिधर बही -----
दिल ने ------
जो खिली धुप गगन में तो जल गए हम
बिखरी धरा पे चांदनी तो बिखर गए हम
हर हवा के झोकों संग हो गए हम
दिल ने -----
दिवाली की रात में जल गए हम
दिये से बन के रह गए हम
जो आई होली तो भींग गए हम
काले-पीले रंगों में खो गए हम
प्यार का रंग जो न मिला जीवन में
बाकी रंगों में तो घुल गए हम
दुःख ही सही,तकलीफ ही सही
दर्द,चोट,ठोकर ही सही
हर चीज को सह गए हम
दिल ने------
गजल
हम न आए दिल में तेरे
और न ख्याल ही आया
हमारे दिल में तुम जो हो
इस बात पे भी गुमां न आया
तुम न आए मेरे जहाँ में
हम तुम्हारे हो गए
हमारी दुनिया सुनी सही
जो तुम्हारी दुनिया है सजी हुई
बर्बाद हसरत है अपने दिल की
जो तुम न आए तो कुछ नही
दोस्त-दोस्त कहते-कहते
भूल गए कब ख़बर नही
हम न भूले न भूलेंगे तुमको
कह रहे सच झूठ नही
संग तुम्हारे है एक दुनिया
साथ मेरे कोई नही
चलता हूँ साये संग तेरे
मेरा साया कहीं नही
सोचते हो सब देखता हूँ
पर इन नजरों में अब कोई नही
पता है हमको हो दूर तुम हमसे
आश भी मेरे नजदीक नही
हम न आए दिल में तेरे
और न------
तंगहाल जिंदगी
पता नही क्या हुआ आज कल
पहली बार अपनी तंगहाल जिंदगी में
कुछ कमी सी खल रही है
सजा भुगत रहा हूँ मैं उसकी
जो गलती मैंने की है
अपनी तंगहाल जिंदगी में
कुछ कमी सी खल रही है
गुनाहगार हूँ मैं ख़ुद का
पता नही कब कर दिया गुनाह मैंने
सोचा नही था कभी
जो कर दिया मैंने
सब कुछ था मेरे पास
अब कुछ नही है मेरे पास
ऐसा क्या कर दिया मैंने
होटों से हंसी,
आँखों से पानी
भी तो खो दिया मैंने
मैं किसी का कोई नही
है कोई जिसको हमपे यकीं नही
ऐसा क्या कर दिया मैंने
पर पहली बार
अपनी तंगहाल जिंदगी में
कुछ कमी सी खल रही है
बिद्या की देवी
हम कैसे छोड़ दे सरस्वती को,
जो कम-से-कम तो मेरी है
लक्ष्मी का है क्या भरोसा,
आज तेरी कल मेरी है
हम कैसे------
कृपावान है मुझपे ये बिद्या की देवी
कैसे किनारा कर ले हम, ये जो मेरी है
हम कैसे छोड़ ------
हूँ मैं गंवार अनपढ़ सा
फ़िर भी मुझपे दयावान है
ये सरस्वती तो मेरी है
हम कैसे छोड़------
लक्ष्मी है चंचल रूकती नही है
आज इधर तो कल उधर रहती है
सरस्वती तो संग सदा मेरे ही चलती है
फ़िर छोड़ दूं मैं कैसे
नाता तोड़ दूं मैंं कैसे
सब कहते हैं छोड़ दो
अपनी कलम को तोड़ दो
कहाँ जाऊंगा कर मैं ये,
घट सरस्वती का दुख्ला के
माफ़ न कर पायेगी मुझको,
ये सरस्वती जो मेरी है
हम कैसे --------
दीवाना
मैं दीवाना होने लगा हूँ, याद में तेरी जलने लगा हूँ
मैं क्या करू मैं प्यार में हूँ-४
आग नही अब मुझको जलाती है,
याद तेरी जब मुझको सताती है
बारिश नही अब मुझको भिंगोती है
आंसू मेरे अब मुझको भिन्गोते है
मैं क्या करू
मैं-४
तन्हाई मुझको अब डसती नही है
रुसवाई मुझको अब खलती नही है
आदत है जबसे जीने में ऐसे,
कुछ भी नही है सिने में तब से
अब क्या करू, मैं क्या कहू
मैं प्यार में हूँ -४
मैं प्यार में हूँ, हाँ मैं प्यार में हूँ
तेरे प्यार में हूँ, मैं प्यार में हूँ
सचीन निरंजन केजरीवाल
मैं क्या करू मैं प्यार में हूँ-४
आग नही अब मुझको जलाती है,
याद तेरी जब मुझको सताती है
बारिश नही अब मुझको भिंगोती है
आंसू मेरे अब मुझको भिन्गोते है
मैं क्या करू
मैं-४
तन्हाई मुझको अब डसती नही है
रुसवाई मुझको अब खलती नही है
आदत है जबसे जीने में ऐसे,
कुछ भी नही है सिने में तब से
अब क्या करू, मैं क्या कहू
मैं प्यार में हूँ -४
मैं प्यार में हूँ, हाँ मैं प्यार में हूँ
तेरे प्यार में हूँ, मैं प्यार में हूँ
सचीन निरंजन केजरीवाल
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