Sunday, August 23, 2009

मुझे कुछ न चाहिए------

मुझे कुछ न चाहिए इससे ज्यादा
एक तेरा प्यार हो संग मेरे सदा
तनहा रहू मैं न कभी
प्यार से ये तेरा वादा
मुझे कुछ न ----
चाहे हो शहर,चाहे समंदर
चाहे वो महल हो,चाहे खंडर
धरती पे रहू,चाहे रहू अम्बर पर
मुझपे रहे सदा तेरा असर
मुझे कुछ न---
मैं हूँ सदा तेरा ही जाना
जाने से पहले तुम चली आना
भूल जाऊँ मैं तुझको,उससे पहले तुम याद आना
जीवन भर साथ रहना,सुन लो जाना तुम मेरा कहना
मुझे कुछ न ----
सचीन निरंजन केजरीवाल