Thursday, August 20, 2009

क्यों पूजे हम तुमको ?

क्यों पूजे हम तुमको, क्यों माने भगवान्
दिया है क्या तुमने हमको बना दिया शैतान
क्यों पूजे ----
आज नही, कल का नही कभी का नही है रिश्ता अपना
हो कहाँ तुम मुझको दिख जाओ भगवान
क्यों पूजे----
नही हो तुम मेरे अपने, पुरे किए नही कोई सपने
फ़िर हो कैसे तुम भगवान
क्यों पूजे -----
दुःख दिया है, दर्द दिया है
कर दिया जीवन को शमशान
तख्लिफों में जीते है हम, तुम कैसे हो भगवान
क्यों पूजे---
पत्थर हो तुम,माटी हो नही है तुम में जान
क्यों पूजे----
इस दिल को तुने जला दिया
सब कुछ तुने खाक किया
अब रहा नही मैं इन्सान
क्यों पूजे ----

सचीन निरंजन केजरीवाल