Sunday, August 23, 2009

तुमसे सीखे / भूल जाते हो

आ के न आना कोई तुमसे सीखे
दिल को चुराना कोई तुमसे सीखे
नजरे मिलाना और न न कहना
हँसते-मुस्कराते दिल को चुराना
कसमों को देना,वादों को लेना
दिल चाहे जब फिर तोर देना
ऐसी आदयें कोई तुमसे सीखे
आ के न आना कोई तुमसे सीखे
तुमको पता है हम मरते है तुमपे
दिलों जान से प्यार करते है तुमसे
अकरते हो तुम,चलते हो तन के
ऐसी अदाए कोई तुमसे सीखे
आ के न --------
बनते हो सीधे,दीखते हो भोले
जालिम बड़े हो तुम कातिल ओ मेरे
नजरे मिलाना और न न कहना
दिल को चुराना कोई तुमसे सीखे
आ के न ------

नम.२
अरे जाते हो तुम जो चले जाते हो
आने के रस्ते सरे भूल जाते हो
हाँ जाते हो तुम जो---------
रूठ जाते हो जब तुम मानते नही
लगता है ऐसे हमको जानते नही
ये ठीक नही है जान लो,
कहना मेरा देखो तुम मान लो
मुझको जरा पहचान लो
क्यों जलाते हो दिल को दिलबर मेरे
मान जाते नही क्यों सितमगर मेरे
अरे जाते हो ------

सचीन निरंजन केजरीवाल