यह क्या जी रहे हम,लगता है यु सनम-२
सांसे है बाकि युही, चल रहे है कदम
यह क्या.......
जो तेरा साथ नही जिंदगी में तो कोई बात नही
सब कुछ है यहाँ हर पल, एक बस हम ही नही
यह क्या जी .....
सब है पर सुना-सुना
दर भी मेरा टुटा-फूटा
यह जीना भी क्या है जीना सनम-२
यह क्या जी रहे हम...
रोते हुए भी हँसता हूँ मैं
पर सब कहते रोता हूँ मैं दर्द कहाँ ले के जाऊँ सनम
ye kya ji rahe ...
sachin
Sunday, March 1, 2009
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