कुछ ऐसा कर दो कन्हैया,दुनिया मेरी बदल दो कन्हैया
सुन लो मेरी ओ बंशी बजैया
कुछ ऐसा ......
मेरी राधा हुई तेरी दीवानी,तेरा बन्ने की उश्ने है ठानी
बैठे-बिठाये क्या किया,तुझको कमी क्या गोपियाँ की
ओ नटखटिया
कुछ ऐसा .....
क्या जादू क्या मंतर मारा
अपनी मुरलिया का किया क्या इशारा
मेरी राधा तुने छीनी वापस दे-दे, ओ रास-रचैया
कुछ ऐसा ....
मथुरा की गलियां,गोकुल की गोपी
तेरे बिन सब है सुनी पड़ी
आजा-सजा-जा ओ कृष्ण कन्हैया
कुछ ऐसा........
सचीन निरंजन केजरीवाल