Thursday, August 20, 2009

दीवाना

मैं दीवाना होने लगा हूँ, याद में तेरी जलने लगा हूँ
मैं क्या करू मैं प्यार में हूँ-४
आग नही अब मुझको जलाती है,
याद तेरी जब मुझको सताती है
बारिश नही अब मुझको भिंगोती है
आंसू मेरे अब मुझको भिन्गोते है
मैं क्या करू
मैं-४
तन्हाई मुझको अब डसती नही है
रुसवाई मुझको अब खलती नही है
आदत है जबसे जीने में ऐसे,
कुछ भी नही है सिने में तब से
अब क्या करू, मैं क्या कहू
मैं प्यार में हूँ -४
मैं प्यार में हूँ, हाँ मैं प्यार में हूँ
तेरे प्यार में हूँ, मैं प्यार में हूँ
सचीन निरंजन केजरीवाल