मैं क्या करू,तेरे इश्क में हूँ-२
मुझे कुछ तो बता
दे अपना पता
दीवाना हूँ मैं तेरा ,तुझे सब है पता
मुझे कुछ तो बता-२
मैं क्या ..............
बातें तेरी क्यों करता हूँ मैं,
रातों को क्यों जगता हूँ मैं,
ये क्या हो गया मुझे, मुझको नही कुछ भी पता
ओ दिलरुबा,मेरी दिल रुबा-२
मैं क्या ...........
मेरे बस में कहाँ, अब मेरा जहाँ
जब से हुआ दिल मेरा तेरा
कोई जादू है, या है कोई नशा
मुझे कुछ तो बता
दे अपना पता
मैं क्या ........
सचिन
Tuesday, June 17, 2008
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment