जाने मेरी जिंदगी में,
प्यार होगा या नही,
चाहे जो मुझे,
दिलदार ऐसा होगा या नही-२
ये तो जाने खुदा,
मैं जानू कुछ भी नही,
इश्क, प्यार मैंने कभी किया ही नही
ढूँढा अपने दिलवर भी मैंने अब तक तो नही
जाने मेरी .............
होगा क्या कल,नही कुछ भी ख़बर
अनजान हूँ मैं है ये नई-नई सी डगर
इस झमेले में तो मैं आऊंगा नही
फिर भी जाने क्यों दिल कहता यही
जाने मेरी ......
तनहा सी है,उदास सी है,
उसके बिना, सुनी सी है,
हाथो में मेरे,कोई हाथ नही,
कदमो के संग,कोई साथ नही
हे जाने मेरी ..................
सचिन
Tuesday, June 17, 2008
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