शशि हो तुम, या हो सबा
इसमे कोई शक नही
कह रहा हूँ,मैं तुमको जो अपना
क्या इसपे भी मेरा, हक नही
ऐसा न हो,हम रह जाए तनहा
यादों में तेरी, हम भूल जाए दुनिया
मुझको लगी जब तुम अपनी सी
मैंने कहा तुम हो अपनी ही
क्या इसपे भी मेरा हक नही-२
प्यार करता हूँ मैं जो तुमको
प्यार पे मेरे तुमको शक है कही
शशि हो तुम ..........
ये शशि मैडम के लिए
सचिन
Monday, June 16, 2008
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