Monday, June 16, 2008

शशि हो तुम या हो सबा

शशि हो तुम, या हो सबा
इसमे कोई शक नही
कह रहा हूँ,मैं तुमको जो अपना
क्या इसपे भी मेरा, हक नही
ऐसा न हो,हम रह जाए तनहा
यादों में तेरी, हम भूल जाए दुनिया
मुझको लगी जब तुम अपनी सी
मैंने कहा तुम हो अपनी ही
क्या इसपे भी मेरा हक नही-२
प्यार करता हूँ मैं जो तुमको
प्यार पे मेरे तुमको शक है कही
शशि हो तुम ..........
ये शशि मैडम के लिए
सचिन

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