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Sachin
sachinkejriwal1@gmail.com
Sunday, January 14, 2024
तहज़ीब
वालिदैन भी मिले
तकरीरें भी मिली
तहज़ीब मगर तुमको
फिर भी न मिली
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आहिस्ता आहिस्ता
काल-कोठरी
बस मुहब्बत
मत सोच अब क्या होगा मेराजो तुम मिल गए हो, तोगर्दि...
तलबगार
अब सरकारी खजाने से बंटेगी खैरात ज्यादाविराजे हैं ...
जिंदगी का सवाल
दिल्ली जली तो....
ना-के लायक
इंसानियत के नाम परकितनों का खून बहाये मुझसे नहीं ...
हम भी सहमे हुए है, तुम भी घबड़ाये हुए होफिर हम दोनो...
जिद तुम्हे भी है ज़िद हमे भी हैहम दोनोंको ही मुहब्...
बोलो
दूर से लगता है, कीलगा है मेला पहाड़ों परजगनुओं की ...
कल तक हम भले थेहम पर ज़ुल्म हो रहे थेअब किधर ढाओग...
कोई क्यों दूर हुआ जा रहा है, ऐसेजैसे चाँद, जैसे "...
वो जान बूझ कर दीवाना बना ऐसेजैसे चाँद, जैसे तुम "स...
डॉक्टर की तरह हो तुम भी
तुम मुस्कराते हो, हमेंतकलीफों में देख करहम मुस्करा...
पानी को खारा कर, समन्दर नाम दिया जो कातिल है मेरा...
वो कौन है जो लिप गया मिट्टी आसमां पर ये बिछा ...
हम दोनों ही कम अक्ल हैंमुश्किल में हमारी नस्ल है
प्रह्लाद
तहज़ीब
मेरे ज़ख्म
एक गम है
न इश्क़ है, न वस्ल है, न हिज्र है..!
तंगहाल जिंदगी
मेरे शब्दों से दुनिया
जाने कैसे जीतें लोग
ये सांसों की दलदल
तुम्ही ने कहा था
आलम
दिल के मन की चिलमन की
लाजवाब हैं सब
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