Saturday, January 13, 2024

तंगहाल जिंदगी

 पता नही क्या हुआ आज कल
पहली बार अपनी तंगहाल जिंदगी में
कुछ कमी सी खल रही है
सजा भुगत रहा हूँ मैं उसकी
जो गलती मैंने की है
अपनी तंगहाल जिंदगी में है
कुछ कमी सी खल रही 
गुनाहगार हूँ मैं ख़ुद का
पता नही कब कर दिया गुनाह मैंने
सोचा नही था कभी
जो कर दिया मैंने
सब कुछ था मेरे पास
अब कुछ नही है मेरे पास
ऐसा क्या कर दिया मैंने
होठो से हसी, आँखों से पानी
भी तो खो दिया मैंने
मैं किसी का कोई नही
है कोई जिसको हमपे यकीं नही
ऐसा क्या कर दिया मैंने
पहली बार अपनी तंगहाल जिंदगी में 
कुछ 
कमी सी खल रही है..!

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