जो जिसका हमदम है, वो एक दूजे के साथ है..!
मेरा कोई हमदम नहीं, कहाँ कोई मेरा संग है..!!
जो रंगे हुए हैं चेहरे सबके, वो प्यार का रंग है..!
कहाँ प्यार करता है कोई मुझसे..??
कहाँ जीवन में मेरे कोई रंग है..??
सबके हाथों में एक हाथ है,
मेरी अलग पहचान है..!
खामोशी से रिश्ता मेरा, अँधेरा मेहमान है..!!
तन्हाई, बचैनी, उनके दो बच्चे,
आ के जीवन में मेरे बस गए हैं,
बाकी सबको पता है,
यहाँ इक बे'नाम शायर रहता है,
जिसके पास कुछ नहीं,
ना संग हमदम है ना प्यार है..!
तन्हाई से रिश्ता जिसका,
अँधेरा, खामोशी, बैचैनी जिनके मेहमान हैं..!
न इश्क़ है, न वस्ल है, न हिज्र है..!
मेरा कोई हमदम नहीं, कहाँ कोई मेरा संग है..!!
जो रंगे हुए हैं चेहरे सबके, वो प्यार का रंग है..!
कहाँ प्यार करता है कोई मुझसे..??
कहाँ जीवन में मेरे कोई रंग है..??
सबके हाथों में एक हाथ है,
मेरी अलग पहचान है..!
खामोशी से रिश्ता मेरा, अँधेरा मेहमान है..!!
तन्हाई, बचैनी, उनके दो बच्चे,
आ के जीवन में मेरे बस गए हैं,
बाकी सबको पता है,
यहाँ इक बे'नाम शायर रहता है,
जिसके पास कुछ नहीं,
ना संग हमदम है ना प्यार है..!
तन्हाई से रिश्ता जिसका,
अँधेरा, खामोशी, बैचैनी जिनके मेहमान हैं..!
न इश्क़ है, न वस्ल है, न हिज्र है..!
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