Sunday, January 14, 2024

 वो कौन है जो लिप गया मिट्टी आसमां पर 
ये बिछा दी चांदनी किसने सारी धरा पर 
    क्यूँ आसमां मटमैला है 
     क्यूँ धरा भी ठहरी है  
हंसी छीन ली किसने दोनों कि 
जाने क्यूँ गमगीं दोनों हैं 
          ज़ख्म देखने न सही 
           मुझे देखने तो आओ कभी

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