Friday, February 2, 2024

नर्क

 तुम चले गये हो मुझे पता है
एक गम है
तुम नहीं आओगे मुझे पता है
एक गम है

जाना था चले जाते
जाते जाते कह जाते
बिन कहे गये हो 
एक गम है

राह निकलती कहाँ है कोई
अब के मैं गम से निकलु
ये भी एक गम है

एक प्यार ही तो माँगा था
प्यार से दुतकार कर देते

जिंदगी नर्क तो रहती
तुम प्यार से याद आते

अब भी प्यार करता हूँ
गर न किया तो
ये नरक कैसे भूगतुंगा
जो तुमने दिया है
पर तुम कब मानते हो ये
तुमने दिया है 
ये भी एक गम है

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