Tuesday, February 6, 2024

चांद की कटोरी

 चांद की कटोरी से
रौशनी जो निकलेगी
शाम सुनहरी
ले के वो लौटेगी

यादों में तेरी शाम जो कटेगी
लगता है शाम ये 
जां ले के ही मानेगी

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