सिग्रेट के धुएं सा
हवा में उड़ रहा हूं
जलाती है दिल को ये
और मैं जल रहा हूं
जाने कब होऊंगा खाक
मैं बन जाऊंगा राख
इस दुनिया से दूर बहुत
जाने की अब सोच रहा हूं
हवा में उड़ रहा हूं
जलाती है दिल को ये
और मैं जल रहा हूं
जाने कब होऊंगा खाक
मैं बन जाऊंगा राख
इस दुनिया से दूर बहुत
जाने की अब सोच रहा हूं
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