मैंने सहेज रखीं हैं
तुम्हारी हर एक कविता
हर एक लफ्ज
अगर किसी दिन मिले
तो दिखाऊंगा
फिर समझना
कोई कितना दीवाना है
तुम्हारी कविताओं
तुम्हारे लफ्जों का कविता
तुम्हारी हर एक कविता
हर एक लफ्ज
अगर किसी दिन मिले
तो दिखाऊंगा
फिर समझना
कोई कितना दीवाना है
तुम्हारी कविताओं
तुम्हारे लफ्जों का कविता
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