Sunday, July 27, 2008

जज्बा जिगर का

जज्बा जिगर का लो उनसे
सुन लो तुम ऐ नोजवानो
गाथा अपने देश की, लाखों उन शहीदों की
है यहाँ पे बन के हिम्मत, देखलो तुम आज भी
हमे है गर्व,हमे है नाज
हम उनकी संतान है
देश की खातिर हमको भी,अब देनी और लेनी कुछ जान है
वीरगती या विजय नारा था जिनका
वो ही अब हमारा है
न कभी था दुश्मन का, न कभी ये होगा
ये तिरंगा प्यरा देखलो हमारा है
आएगा जो भी लेने इसको आगे
वो दुश्मन हमारा है
सिचा था पहले भी लहू से
एक बार वो सब और सही
ये देश तो हमारा है
तिरंगा प्यरा हमारा है
जज्बा जिगर .....
सचीन